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For omicron test which is better saliva test or nasal swab | मुंह या नाक, किससे लिया गया सैम्‍पल ओमिक्रॉन की सबसे सटीक जानकारी देगा, एक्‍सपर्ट से समझ‍िए

Omicron Testing: घरों में किट के जरिए होने वाली जांच पर वैज्ञानिकों ने सवाल उठाए हैं. वैज्ञानिकों का कहना है, ओमिक्रॉन दूसरे वैरिएंट की तरह नहीं है, इसलिए जांच को लेकर कुछ बातें समझने की जरूरत है. जानिए, इसकी जांच के लिए लार या नाक से लिए गए सैम्‍पल में से कौन सा तरीका बेहतर है?

मुंह या नाक, किससे लिया गया सैम्‍पल ओमिक्रॉन की सबसे सटीक जानकारी देगा, एक्‍सपर्ट से समझ‍िए

बढ़ते ओमिक्रॉन के मामलोंं के बीच वैज्ञानिकों ने होम किट पर सवाल उठाए हैं. (PS: Frankfurt)

महामारी की शुरुआत से ही कोरोना की जांच के लिए नाक से सैम्‍पल लिया जाता रहा है. घर पर टेस्टिंग के लिए मार्केट में मौजूद किट (Corona home kit) में नाक से सैम्‍पल लेने की बात कही गई है. इसी होम किट को लेकर कई वैज्ञानिकों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है, तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन (Omicron) को लेकर ये किट कितनी सही है? कई वैज्ञानिकों का कहना है, यह समझने की जरूरत है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए कोविड-19 (Covid-19) की जांच के लिए कौन का तरीका बेहतर है, नाक या मुंह से लिए जाने वाले सैम्‍पल्‍स. रिसर्च में सैम्‍पलिंग को लेकर भी कई बातें सामने आई हैं.

NYT की रिपोर्ट में मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डॉ. डोनाल्‍ड मिल्‍टन का कहना है, वायरस सबसे पहले मुंह या गले में पहुंचता है. इसका मतलब है कि नाक के मुकाबले मुंह की लार का सैम्‍पल लेते हैं तो संक्रमण का पता जल्‍दी चल सकता है. कई रिसर्च में यह साबित भी हुआ है. 

ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच डॉ. डोनाल्‍ड मिल्‍टन ही नहीं कई ऐसे वैज्ञानिक हैं जो साफतौर पर कह रहे हैं कि वायरस की जांच करने के लिए सबसे बेहतर तरीका मुंह से लिए जाने वाले सैम्‍पल हैं. इनकी जांच करके जल्‍द ही सटीक परिणाम आते हैं. कई रिसर्च में भी यह सामने आया है कि अगर मुंह की जांच की जाए तो शुरुआती स्‍तर पर ही वायरस का पता लगाया जा सकता है. 

मुंह से लिए गए सैम्‍पल क्‍यों हैं बेहतर, 5 पॉइंट में समझें

1- अपनी बात को समझाने के लिए डॉ. डोनाल्‍ड मिल्‍टन ने टीम के साथ मिलकर रिसर्च की. इसमें कोरोना के मरीजों को शामिल किया गया. ये ऐसे मरीज थे में जिनमें कोरोना के लक्षण साफतौर पर नहीं दिखाई दे रहे थे. 

2- कोरोना के इन मरीजों की नाक और मुंह से सैम्‍पल लिए गए. इन सैम्‍पल्‍स की जांच की गई. रिपोर्ट में सामने आया कि जिन मरीजों के मुंह से सैम्‍पल्‍स लिए गए थे उनमें अध‍िक वायरस पाए गए.

3- रिपोर्ट के मुताबिक, नाक के मुकाबले मुंह से लिए गए सैम्‍पल में 3 गुना ज्‍यादा वायरस थे. मुंह से लिए गए सैम्‍पल 12 गुना ज्‍यादा बेहतर और सटीक जानकारी देने वाले थे. 

4- ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले देखते हुए अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन (FDA) ने स्‍कूलों में स्‍टूडेंट्स की  जांच के लिए लार के सैम्‍पल (Saliva-based P.C.R. tests) लेने के आदेश दिए हैं. 

5- कोविड टेस्टिंग से जुड़े एक्‍सपर्ट डॉ. रॉबी सिक्‍का कहते हैं, ओमिक्रॉन ने टेस्टिंग का पूरा माहौल ही बदल दिया है. यह तेजी से संक्रमण फैलाता है और अपनी संख्‍या को बढ़ाता है. कई विशेषज्ञों ने भी यह माना है कि ऑमिक्रॉन गले और मुंह में तेजी से अपनी संख्‍या को बढ़ाता है, इसलिए ऐसी स्थिति में सेलाइवा सैम्‍पल ज्‍यादा बेहतर है.

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Written by rannlabadmin

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