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Davos Summit 2022: पीएम मोदी आज वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम को करेंगे संबोधित, चीनी राष्ट्रपति और जापान के PM भी लेंगे हिस्सा

कोरोना की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) में जब भारत में हालात बेहद खराब थे. प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के दावोस में दिए भाषण के एक हिस्से को लेकर जमकर चर्चाएं हुईं थीं.

Davos Summit 2022: पीएम मोदी आज वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम को करेंगे संबोधित, चीनी राष्ट्रपति और जापान के PM भी लेंगे हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (File Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सोमवार को विश्व आर्थिक मंच यानी वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम (World Economic Forum) के सम्मेलन को संबोधित करेगें. प्रधानमंत्री का यह संबोधन भारतीय समय के अनुसार रात तकरीबन साढ़े आठ बजे होगा. स्विट्जरलैंड के बेहद खूबसूरत शहर दावोस में हर साल यह सम्मेलन आयोजित किया जाता है. हालांकि कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की वजह से लगातार दूसरी बार इसे वर्चुअल मोड में करना पड़ रहा है.

इस बार दावोस सम्मेलन (Davos Agenda 2022) का टॉपिक ‘द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड’ (The State of the World) है. 17-21 जनवरी तक चलने वाले इस खास सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फूमियो, आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन समेत कई वैश्विक नेता अपना विचार रखेगें. दुनिया के तमाम राष्ट्राध्यक्षों की भागीदारी वाले सम्मेलन के तौर पर यह इस साल का पहला बड़ा आयोजन भी होगा.

पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं दावोस सम्मेलन को संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावोस के वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम (WEF) में पहली बार साल 2018 में हिस्सा लेने गए थे. बीस साल बाद तब किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह दौरा हुआ था. पीएम मोदी से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौडा ने WEF को संबोधित किया था. पिछले साल जब कोरोना महामारी की वजह से दावोस शिखर सम्मेलन (Davos Summit 2022) को पहली बार वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जनवरी को इसे संबोधित किया था.

कोरोना की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) में जब भारत में हालात बेहद खराब थे. प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के दावोस में दिए भाषण के एक हिस्से को लेकर जमकर चर्चाएं हुईं थीं. दरअसल प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था, ‘दुनिया के कई नामी एक्सपर्ट और बड़ी -बड़ी संस्थाओं ने क्या-क्या कहा था, भविष्यवाणी की गई थी कि पूरी दुनिया में कोरोना से सबसे प्रभावित देश भारत होगा. कहा गया था कि भारत में कोरोना संक्रमण की सुनामी आएगी. किसी ने 700-800 मिलियन भारतीयों को कोरोना होने की बात कही तो किसी ने दो मिलियन से ज्यादा भारतीयों के मौत का अंदेशा जताया. आज भारत उन देशों में से है जो कोरोना से ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने में सफल रहा.’

1971 में हुई थी दावोस समिट की शुरुआत

स्विट्जरलैंड के दावोस में 1971 में इसकी शुरूआत हुई थी. साल 1987 में इसका मौजूदा नामकरण विश्व आर्थिक मंच या वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम रखा गया था. हर एक साल दुनिया भर के नेता विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर अपने विचार रखते हैं. राष्ट्राध्यक्षों के अलावे बड़ी -बड़ी कंपनियों के प्रमुखों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के लोग भी इसमें हिस्सा लेते हैं.

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Written by rannlabadmin

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